जबलपुर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एसके गांगेले ने बर्खास्त आईएएस अफसर अरविंद जोशी की जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार कर ली है। एकलपी’ ने अरविंद जोशी की गंभीर बीमारी को देखते हुए स्थायी जमानत का लाभ इस शर्त पर दिया है कि हाईकोर्ट की अनुमति के बिना देश के बाहर नहीं जाएंगे।
अरविंद जोशी की तरफ से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया था कि उन्हें ब्लड वैंâसर है। जिसका इलाज चल रहा है। अच्छी चिकित्सा सुविधा के लिए उन्हें जमानत दी जाए। अरविंद जोशी की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता प्रतुल सांडिल्य एवं राजकमल चतुर्वेदी ने उनका पक्ष परिवर्तित करते हुए दलील पेश की कि जिस मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया है कि उसकी ट्रायल में विलंब हो सकता है। मामले से जुडे अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है लिहाजा अरविंद जोशी की जमानत अर्जी स्वीकार की जाए। सुनवाई के उपरांत हाईकोर्ट ने अपना पैâसला सुरक्षित रख लिया था जिसे आज सुनाया गया।
गौरतलब है कि प्रदेश के तत्कालीन आईएएस दंपत्ति अरविंद और टीनू जोशी के घर इंकम टैक्स विभाग ने सन् २०१० में छापा मारा था। इस छापे में विभाग को ३ करोड़ रुपए नगद और दीगर परिसंपत्तियों के कागजात मिले थे। इसके बाद लोकायुक्त मुहकमे ने जोशी दंपत्ति के खिलाफ आय से अधिक का मामला कायम किया था।
बर्खास्त IAS अरविंद जोशी को मिली स्थायी जमानत
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