मुंबई, केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में “जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) काउंसिल की 17 वीं बैठक में मुनाफाखोरी को रोकने के लिए एंटी प्रॉफिटियरिंग समेत कई अहम नियमों को मंजूरी दे दी गई है। हालांकि ई-वे बिल के तैयार न होने के कारण इस पर फैसला नहीं हो पाया है। रविवार को हुई बैठक में काउंसिल ने हर माह रिटर्न फाइल करने में फिलहाल दो महीने की छूट दी है। जिसके बाद अब जुलाई और अगस्ता में रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होगी। ”
जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 30 जून को होगी। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में 5 प्रमुख नियमों को मंजूरी दी गई है। इनमें एडवांस रूलिंग, अपील एंड रिवीजन, एसेसमेंट, एंटी प्रॉफिटियरिंग और फंड सेटलमेंट प्रमुख रहे। इसके साथ ही काउंसिल ने सरकारी और प्राइवेट लॉटरी पर टैक्स की अलग अलग दरें तय की हैं। स्टेट रन यानी सरकारी लॉटरी पर 18 फीसद और सरकार की ओर से अधिकृत प्राइवेट लॉटरी पर 28 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। काउंसिल के मुताबिक सितंबर से हर महीने दाखिल करना होगा रिटर्न जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न दाखिल करने वालों को थोड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल ने ई-वे बिल की तैयारियों को देखते हुए इस पर कोई फैसला नहीं किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि ई-वे बिल पर अभी तैयारियां पूरी नहीं है इसमें अभी 4 से 5 महीने का वक्त लगेगा।
जीएसटी काउंसिल ने महंगे होटल में ऊंची दर से टैक्स लगाने का फैसला किया है। यानी 7,500 रुपए से ज्यादा किराए वाले होटलों में 28 फीसद टैक्स लगेगा। वहीं 2,500 रुपए से लेकर 7,500 रुपए किराए वाले होटलों में 15 फीसद की दर से टैक्स लगाया जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले11 जून को हुई बैठक में 66 प्रोडक्ट्स पर टैक्स कम किया गया था।
जीएसटी काउंसिल ने अक्टूबर तक दी रिटर्न फाइल करने की छूट
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