उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए को लेकर आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में हेड कांस्टेबल समेत 7 लोगों की मौत

नई दिल्ली, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध और समर्थन को लेकर सोमवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली में कई स्थानों पर हिंसा भड़क उठी। जिसमें हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो गई। हिंसा में दिल्ली पुलिस के डीसीपी, समेत 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हालात पर काबू पाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई।
दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात की गई है। जाफराबाद में भीड़ ने एक पेट्रोल पंप, 25 से अधिक दुकानों, दो मकानों और 35 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा के दौरान चांदबाग इलाके में तैनात पुलिसकर्मी रतनलाल को गंभीर चोट लगी। उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं चांदबाग और मुस्तफाबाद में दो नागरिकों की मौत हो गई। मौजपुर चौक पर सोमवार को धरने पर बैठे लोगों पर सुबह 11 बजे कबीरनगर की तरफ से आए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद चांदबाग में भी पथराव और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गई। हिंसा के बाद दिल्ली के छह स्थानों पर धारा 144 लागू कर दी गई है।
हिंसा को काबू करने में जुटे डीसीपी अमित शर्मा समेत 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं पथराव करने वाले दोनों पक्ष के करीब 100 से अधिक लोग घायल हुए। दोपहर बाद जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास दो पक्षों में पथराव शुरू हो गया। दस से अधिक दुकानें, दो मकान, 10 वाहनों में आग लगा दी गई। वहीं करावल नगर में शेरपुर चौक पर भी दो पक्ष आपस में भीड़ गए। यहां भी भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के पिंक लाइन सेवा के पांच मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करना पड़ा। वेलकम के आगे ट्रेन संचालन रोकना पड़ा। हिंसा में 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 45 घायलों को जीटीबी अस्पताल में 15 घायलों को जगप्रवेश अस्पताल में और 6 घायल पुलिसकर्मियों को मैक्स पटपड़गंज में भर्ती कराया गया है।
हिंसा के दौरान पुलिस पर पिस्तौल तानने वाले युवक को देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। युवक की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। उत्तर पूर्वी दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूल मंगलवार को बंद कर दिए गए हैं। स्कूलों में होने वाली गृह परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने बोर्ड परीक्षा रद्द करने का आग्रह किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हिंसा त्याग शांति कायम करने की अपील की है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोगों से संयम और समझदारी दिखाने का अनुरोध किया।

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