शिलॉन्ग,गुजरात में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर का रुख किया है। वह शनिवार को शिलॉन्ग पहुंचे। वहां उन्होंने शिलॉन्ग-तुरा को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन किया। वहां से मोदी मेघालय पहुंचे, जहां उन्होंने कई सौगातों की घोषणा की। इससे पहले उन्होंने आइजोल में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने मेघालय में एक जनसभा में कहा कि मोरारजी देसाई के बाद यहां आने वाला दूसरा शख्स मैं था, जब मैंने 2016 में यहां का दौरा किया था। जब सरकार बनी थी, तो मैंने अपने मंत्रियों से कहा था कि पूर्वोत्तर का दौरा करें और उसके बाद वह यहां आकर रात रुकते और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। पिछले साल मैंने पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही थी और इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। सरकार ने पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए सौ करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दी है। मेघालय में 47 हजार करोड़ की लागत से 15 नई रेल लाइनें डालने का काम किया जाएगा, जबकि 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत के हाईवे को मंजूरी भी दे दी गई है। मोदी ने केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया का गेट-वे है और इससे सबसे ज्यादा फायदा मिजोरम को होगा। मिजोरम, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट बन सकता है। इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने 1998 में मंजूरी दी थी, लेकिन बाद में इसमें देरी हो गई। आज यह प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। अटल जी के समय यहां कई विकास कार्य हुए और अब हम उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं। मोदी ने अपने पूर्वोत्तर दौरे से पहले नरेंद्र मोदी डॉट इन पर लोगों से सुझाव भी मांगे थे। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था, नॉर्थ-ईस्ट में बहुत क्षमता है, इस क्षेत्र के बेहतर विकास के लिए हम हर संभव कोशिश करेंगे। मैं मिजोरम और मेघालय जाने के लिए बेताब हूं। वहां कई प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से विकास को गति मिलेगी। बता दें कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का यह पहला मिजोरम दौरा है। गौरतलब है कि मोदी सरकार एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत नॉर्थ-ईस्ट में रोड, रेल और टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा दे रही है।
मेघालय में मोदी ने लगाई सौगातों की झड़ी,पर्यटन को देंगे बढ़ावा
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