सिरसा, पंचकुला कोर्ट के फैसले के बाद यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम के दोषी करार दिए जाने के बाद सेना और पुलिस सिरसा बाबा के आरामगाह डेरा मुख्यालय में घुस गई है। सेना और पुलिस के द्वारा वहां से समर्थकों को निकाले जाने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा हैं कि डेरा के अंदर भारी तादाद में पुलिस और सेना के जवान मौजूद हैं और इसे खाली कराने की कार्रवाई शुरू हो गयी है। सूत्रों की माने तो दोनों पक्षों में टकराव की भी खबर है।
मिल रही खबर के अनुसार, इधर,बाबा के दर्जन भर से अधिक निजी सुरक्षा गार्ड गिरफ्तार किये गए हैं .फिलहाल मुख्यालय में एक से डेढ़ हजार समर्थक मौजूद हैं और उनके पास लाठियां व पत्थर होने की खबर है। हालांकि डीजीपी ने बताया कि गुरुवार की रात तक समर्थकों के पास किसी प्रकार के हथियार नहीं थे।बता दें कि शुक्रवार देर रात सेना ने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय को घेर लिया था। वहीं करनाल में 15 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है।इसके साथ ही बाबा राम रहीम के दूसरे इलाकों में भी डेरा सील किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन व पुलिस ने कुरुक्षेत्र, अंबाला,यमुनानगर, कैथल, समेत 36 डेरों को सील कर दिया है। उमरी गांव का डेरा खाली कराया जा रहा है। दूसरी ओर शुक्रवार को बाबा को दोषी दिए जाने के बाद हुई हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गयी है। शुक्रवार से जारी बवाल पर केंद्र सरकार भी निगरानी कर रही है।
शनिवार को भी पंचकुला के हिंसाग्रस्त इलाकों में धारा-144 लगाई गई है। पंजाब के फरीद कोट, बरनाला, पटियाला समेत 10 जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। अंबाला और चंडीगढ़ में सेना ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अंबाला के लिए 01711904 और चंडीगढ़ के लिए 01721904 हेल्पलाइन नंबर है। फिलहाल, पंचकुला में सेना तैनात है और हिंसा की कोई खबर नहीं आ रही है।
शुक्रवार को डेरा समर्थकों के द्वारा हुई हिंसा को काबू करने में असफल रहने वाले पंचकुला के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और डीएसपी को एक्शन लेते हुए खटटर सरकार ने दोनों को पद से हटा दिया गया है। शनिवार को भी परिवहन व्यवस्था अभी भी बेपटरी है। पश्चिम रेलवे ने 6 ट्रेनें पूरी तरह और 2 ट्रेनें आंशिक तौर पर रद कर दी है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार डेरे में 32 हजार से ज्यादा लोग हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं व बच्चे हैं। महिलाओं व बच्चों को बाहर निकालना बड़ी चुनौती है। डेरे के चारों तरफ सेना लगा दी गई है और सेना ने पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है। रात में डेरे से कम से कम 5000 लोग घरों को लौटे हैं। अधिकारियों के अनुसार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अब सिरसा में पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध है। प्रशासन के अधिकारियों की माने तो शहर से बाहर की तरफ मौजूद डेरा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। इसमें पुराना डेरा और उससे करीब पांच किलोमीटर दूर नया व बड़ा डेरा बनाया गया है। फोर्स ने अभी पुराने डेरे से पहले नाका लगाया हुआ है। एक तरफ से पहले नाकाबंदी है तो बाकी तीन तरफ से डेरे को फोर्स घेरेगी। इसमें आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स लगाई है, ताकि कोई व्यक्ति पीछे से न भाग सके। बलात्कारी बाबा के हिरासत में आने के बाद से ही शनिवार को पुलिस डेरे को अपने अधीन करने की मुनादी करवा रही है। डेरे में मौजूद लोगों को प्रशासन की तरफ से लोगों को निकालने के लिए साधन उपलब्ध करवाने और उन्हें निकालने के लिए कहा जा रहा है।
जानें पूरा मामला: शुक्रवार को पंचकूला में सीबीआई जज जगदीप सिंह ने डेरा के प्रमुख राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया था। डेरा प्रमुख को वर्ष 2002 में लिखी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर दोषी करार दिया गया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसने दो साध्वियों का यौन उत्पीड़न किया। इस मामले में राम रहीम के खिलाफ 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
सिरसा परिसर से 15 डेरा अनुयायी हिरासत में
चंडीगढ़, पुलिस ने शुक्रवार की देर रात यहां डेरा सच्चा सौदा के 15 अनुयायियों को हिरासत में ले लिया है। साथ ही प्राधिकारियों ने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में अब भी एकत्र एक लाख से अधिक अनुयायियों से परिसर खाली करने का अनुरोध किया है। पुलिस के मुताबिक सिरसा में अभी स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। सिरसा के पुलिस अधीक्षक अश्विन शेनवी ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात से 15 असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों से डेरा मुख्यालय परिसर को खाली करने की अपील की है। गुरमीत राम रहीम सिंह को यौन उत्पीड़न के एक मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद भड़की हिंसा में शुक्रवार को सिरसा में दो लोगों में मारे जाने के बाद सेना ने इलाके को नियंत्रण में ले लिया है। हरियाणा में शुक्रवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा, आगजनी और पुलिस गोलीबारी में कम से कम 31 लोग मारे गये और 250 लोग घायल हो गए। हिंसा के मुख्य केन्द्र पंचकूला में 29 लोग मारे गये जबकि सिरसा में दो लोग मारे गए।