भोपाल, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई ने नवागत विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एनएसएस के कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी में ज़मीन पर उतर कर समाजसेवा एवं जागरूकता के कार्य किये। एमसीयू में अब विद्यार्थी एनएसएस और एनसीसी को ‘जनरल इलेक्टिव पाठ्यक्रम’ के रूप में पढ़ भी सकेंगे। वहीं, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्री राहुल सिंह परिहार एवं डॉ. अनंत सक्सेना ने विद्यार्थियों के एनएसएस की जानकारी दी।
अभिविन्यास कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राहुल सिंह परिहार ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से युवाओं का सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास होता है। वहीं, मुख्य अतिथि डॉ. अनंत सक्सेना ने कहा कि एनएसएस से जुड़े विद्यार्थियों ने लॉकडाउन एवं कोरोनाकाल में बड़े स्तर पर लोगों की सहायता की है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि एनएसएस और एनसीसी की गतिविधियाँ युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती हैं। अब तक यह गतिविधियाँ को-करिकुलम एक्टिविटी में आती थीं लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अब इन्हें पाठ्यक्रम के रूप में लिया जा सकेगा। एमसीयू ने अपने नये पाठ्यक्रमों में एनएसएस और एनसीसी को ‘जनरल इलेक्टिव’ पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई से जुड़े विद्यार्थियों को सक्रिय सहभागिता के लिए स्मृति चिन्ह दिए गए, जिनमें प्रवीण कुशवाह, अभिषेक द्विवेदी, प्रतीक मिश्रा, विधि सिंह और सौरभ चौकसे शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी हिमानी उपाध्याय ने किया जबकि आभार प्रदर्शन एवं समन्वयन एमसीयू के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह अवास्या ने किया।
युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाती है एनएसएस
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