जबलपुर, प्रदेश के 11 जिलों मे अपना जाल फैलाकर पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जबलपुर के कोतवाली क्षेत्र के रहने वालें मुख्य आरोपी को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। इस ठग गैंग के अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किये जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक गैंग का सरगना कमल कश्यप नोएडा में पकड़ा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले महेन्द्र कुमार शुक्ला ने वर्ष 2019 में अहमदाबाद की स्विफ्ट फायनेंस कंपनी में 1 लाख रुपए का पर्सनल लोन लेने के लिए आवेदन दिया, जिस पर कंपनी ने रजिस्ट्रेशन सहित अन्य खानापूर्ति के लिए महेन्द्र शुक्ला से 36 हजार रुपए जमा करा लिए, इसके बाद भी लोन पास नहीं हुआ।
अपना रुपया डूबता नजर आने पर महेन्द्र शुक्ला ने कोतवाली थाना में शिकायत की, जिसपर पुलिस ने मामले में एक वर्ष बाद प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी, जांच के दौरान जानकारी हासिल हुई कि ठगी का मास्टर माइंड गौतम बुद्ध नगर नोएडा यूपी का रहने वाला कमल कश्यप है, जिसपर पुलिस की टीम नोएडा पहुंच गई और कमल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि कमल कश्यप अपने साथी पिथौरागढ़ उत्तराखंड निवासी नेहा, मनीषा भट्टा, गाजियाबाद निवासी डेविड चौधरी सहित अन्य के साथ मिलकर लोगों से जीएसटी, प्रोसेसिंग फीस आदि के नाम पर रुपया जमा कराते रहे, गैंग के कुछ साथियों को पुलिस ने पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था।
जबलपुर, बालाघाट, इंदौर, भोपाल में फैला रखा था जाल
पुलिस अधिकारियों की माने तो गिरोह ने जबलपुर, बालाघाट, इंदौर, भोपाल, खंडवा, ग्वालियर, रायसेन, नीमच, दमोह, सागर, छिंदवाड़ा में लोगों को पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने की सूचना सभी जिलों की पुलिस को दे दी गई है, जल्द ही यहां की पुलिस भी आरोपी से पूछताछ करने आएगी।
इस तरह से फंसाते रहे लोगों को
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंग द्वारा विज्ञापन देकर कहा जाता था कि पांच मिनट में पर्सनल लोन दिया जाएगा, जिसके झांसे में आकर लोग आवेदन कर देते रहे, इसके बाद गैंग के सदस्य प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर ४० हजार रुपए से एक लाख रुपए तक की ठगी करते रहे।