शहरों में यूँ ही गर्मी और प्रदूषण बढ़ता रहा तो उन्हें करना होगा तूफानों का सामना

लंदन, बेहद चतुर और बुद्धिमान होने के बावजूद इंसान प्रकृति के आगे बौने हैं। प्राकृतिक प्रकोपों के आगे इंसानों की कुछ नहीं चलती। अब एक नई स्टडी सामने आई है, जिसमें कहा जा रहा है कि शहर और मानवजनित गतिविधियों से आंधी-तूफान आकर्षित होते हैं और उन्हें मजबूती मिलती है। ऐसी आसमानी आपदाएं शहर में तबाही मचाती हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जीस पैसिफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लेबोरेटरी की स्टडी के मुताबिक शहरों में होने वाले वायु प्रदूषण के कणों की वजह से भी थंडरस्टॉर्म शहरों में तबाही मचाते हैं। वैज्ञानिकों ने इस संबंध की स्टडी करने के लिए अमेरिका के दो शहरों में आए तूफानों का अध्ययन किया। ये तूफान ह्यूस्टन और कंसास में आए थे। कंसास शहर में आया तूफान काफी तेज, घुमावदार और आंधी से भरा था। जबकि, ह्यूस्टन में आया तूफान कंसास वाले की तुलना में कमजोर, शांत और उमस से भरा हुआ था। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जीस पैसिफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लेबोरेटरी की पर्यावरणीय विज्ञानी जिवेन फैन ने कहा कि ह्यूस्टन में आए तूफान को शहरी एयरोसोल ने और ज्यादा तीव्र कर दिया था। इसकी वजह से काफी ज्यादा दिनों तक बारिश होती रही। यहां तक कि दिन में दोपहर के समय जब गर्मी ज्यादा होती है, तब भी शहरी प्रदूषण की वजह से बारिश होती रही। बिजली कड़कती रही।
हुआ यूं था कि ह्यूस्टन शहर के ऊपर गर्म हल्की हवा का फॉर्मेशन हो रहा था। ये शहर की गर्मी, प्रदूषण और एयरोसोल की वजह से था। जब समुद्र की नमी वाली, ठंडी और घनत्व वाली हवा ह्यूस्टन के वातावरण से टकराई तो वहां पर तेज तूफान बन गया। जिसकी वजह से कई दिनों तक बिजली कड़कने के साथ बारिश होती रही। कंसास शहर के मामले में अलग ही चीज देखने को मिली। शहर से निकलने वाली गर्म हवा शहर की सीमा के पास पहुंचे तूफान की नमी वाली ठंडी हवा से मिली तो उसे तेजी से अपनी ओर खींच लिया। इसकी वजह से कंसास का तूफान ज्यादा तीव्र और भयावह हो गया। लेकिन कंसास में शहरी एयरोसोल ने तूफान को आकर्षित नहीं किया था। यहां पर शहरी गर्म हवा मुख्य वजह थी। जबकि, ह्यूस्टन में शहरी गर्म हवा और एयरोसोल दोनों मिलकर तूफान को आकर्षित कर रहे थे। जिवेन फैन ने बताया कि शहरों में मौजूद इमारतों से निकलने वाली गर्मी और एयरोसोल की वजह से तूफान आकर्षित होते हैं। अगर शहरों में गर्मी ज्यादा होती है तो तूफानों के ज्यादा दिन तक टिकने की आशंका बनी रहती है। अगर शहर का तापमान कम और प्रदूषण का स्तर कम है तो तूफान भी आकर्षित नहीं होते। वो अपनी गति से आकर चले जाते हैं। जिवेन फैन की यह स्टडी एटमॉस्फियरिक केमिस्ट्री एंड फिजिक्स नाम के जर्नल में प्रकाशित हुई है। इस स्टडी से एक बात प्रमाणित होती नजर आ रही है कि अगर इसी तरह से शहरों की गर्मी और प्रदूषण बढ़ता रहा तो भविष्य में तूफानों की भयावहता खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी।

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