रेलवे आरक्षण प्रक्रिया में बदलाव के बाद अब यात्री से पूछी जाएँगी यह जानकारियां

आगरा, लॉकडाउन के बीच रेलवे ने ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। रेलवे ने पहले केवल ऑनलाइन रिजर्वेशन शुरू किया था, लेकिन इसके बाद काउंटर रिजर्वेशन भी शुरू कर दिया है। स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटर (पीआरएस) से जुड़े सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। इसका प्रभाव स्टेशनों पर रिजर्वेशन के लिए आने वाले लोगों पर पड़ेगा।
रेलवे ने प्रोफार्मा में यात्री को अपना पूरा पता, मकान नंबर, गली कॉलोनी, तहसील का पूरा विवरण देना होगा। बता दें कि एक जून से देशभर में 200 ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ है। लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लोगों का पलायन जारी है। इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने ट्रेन से आने वाले लोगों के गंतव्य से जुड़ा पूरा विवरण साझा करने के लिए कहा था।
इसके बाद रेलवे के पीएसयू (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम) ने आईआरसीटीसी के सॉफ्टवेयर में बदलाव कर दिया था। ऑफलाइन मिशन चालू होने के बाद कृष्ण ने बीते सोमवार से पीआरएस के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव कर दिया है। अब स्टेशनों पर रिजर्वेशन कराने के लिए आने वाले लोगों को गंतव्य से जुड़ी पूरी जानकारी रेलवे के साथ साझा करनी पड़ेगी।
यात्रियों को रिजर्वेशन फॉर में वही मोबाइल नंबर देना होगा,जिसे लेकर वह यात्रा करेगा। इसके साथ उसे डेस्टिनेशन स्टेशन से जुड़ी जानकारी भी काउंटर पर बैठे क्लर्क को बतानी होगी। इसमें उसे मकान नंबर, गली, कॉलोनी, तहसील, जिला, शहर, राज्य और उस शहर में जाने की वजह बतानी होगी। बता दें कि भारतीय रेलवे ने 3 जून तक देश भर में 4197 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इसमें 58 लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। श्रमिक स्पेशल के अलावा रेलवे ने 12 मई से 15 जोड़ी विशेष राजधानी ट्रेनों से लॉकडाउन में फंसे लोगों को घर भेजा। एक जून से 100 जोड़ी विशेष मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रहा है।

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