बिलासपुर, सावन की झड़ी की तरह दो दिन से फेथाई चक्रवात के कारण बदली बारिश होती रही, लेकिन अब चक्रवाती तूफान उत्तरीय उड़ीसा व पश्चिम बंगाल के समुद्री किनारे में धीरे-धीरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है और इसका असर कम हो रहा है। 24 घंटे में मौसम साफ होने की संभावना है।
बीते सोमवार को फेथाई चक्रवात के कारण दिन का तापमान 16 डिग्री हो गया था और दिसम्बर माह में सावन जैसे बारिश होने लगी थी। वहीं मंगलवार को चक्रवात का असर थोड़ा कम रहा जिससे तापमान करीब तीन डिग्री बढक़र 19 हो गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और उत्तरी उड़ीसा व पश्चिम बंगाल के समुद्री किनारे में यह कम दबाव के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित हो गया है। हालांकि मौसम साफ होने में 24 घंटे और लग सकते है।
दो दिन पहले बने दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के कारण मौसम अचानक बदल गया है और बदली छाने के साथ हल्की बारिश होने लगी है, जिससे रात व दिन के तापमान में गिरावट आ गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना था कि इस चक्रवात का असर छत्तीसगढ़ में ज्यादा नहीं होगा।
नगर के साथ आसपास के ग्रामीण अंचल में पखवाड़े भर से बादल छाए रहे । जहां इस क्षेत्र में रविवार की रात से बारिश शुरू हो गया। जिससे सोमवार की सुबह से ही ठंडी हवाएं चलने लगी। जिससे अचानक ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी । रविवार रात से ही समूचा अंचल शीतलहर की चपेट में आ गया। सोमवार को मौसम काफी सर्द रहा। लोग घरों में दुबके रहे कई लोगों ने रविवार होने के कारण परिवार के बीच में ठंड का जमकर लुफ्त उठाया। जबकि सोमवार को ऑफिस मंदिर दुकानों में सन्नाटा पसरा रहा । लोग चौक चौराहोंएसडक़ो किनारे में दिन भर अलाव जलाकर आग के सामने बैठे रहे। जिससे नगर के शासकीय कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। वहीं क्षेत्र में 36 घंटे से लगातार बारिश जारी रही। जबकि मंगलवार को भी बूंदाबांदी होती रही। जिससे किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं मंडियों में मौसम खुलने के बाद ही उनकी धान की खरीदी होगी। जिसके लिए उन्हें कुछ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि सुबह से ही कड़ाके की ठंड पढ़ रही है । दोपहर बाद हुई शीतलहर ने ठिठुरन पैदा कर दी । सोमवार को घरों से बाहर रहने वाले शाम होते ही घरों में दुबक गए पूरे दिन गर्म कपड़ों से लोग लैस रहे । नगर के प्रमुख चौक चौराहों बस स्टैंड के पास ठंड से राहत पाने के लिए लोग होटलों में जल रहे चुल्हो के साथ नगर के चौक चौराहोंए सडक़ो के किनारे पर जल रहे अलाव में अपना हाथ सेकते रहे । जबकि सुबह से ही सर्द आने वाली हवाओं ने लोगों को कप कपा दिया । वही कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर भी प्रभावित डाला है । जिसके चलते गृहणीया अपने घरों में अलाव जलाकर ठंड भगाने में लगी रही । जब तक धूप नहीं निकल रही है लोग बिस्तर को छोडने को तैयार नहीं हो रहे हैं । रविवार की रात से शुरू हुई बारिश सोमवार को पूरी रात भर बरसती रही ।
धान की फसल बचाने का प्रयास
जो किसान धान की फसल कटाई कर चुके हैं उनकी फसल खेत में ही पड़ा हुआ है जो कि ३६ घंटे के हुई हल्की बारिश से बचाने का प्रयास करते रहे लेकिन उनके कई खेतों के धान भीग गए हैं जिसके वजह से किसान चिंतित हैं। वहीं मंगलवार को भी आसमान कर बदली छाए हुए हैं जो कि कभी भी बरस सकते हैं।
‘फेथाई’ का असर खत्म, शीतलहर से कांपा अंचल, ठिठुरन बढने से जनजीवन अस्त-व्यस्त
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