लखनऊ,उत्तरप्रदेश में सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष अदालत का गठन किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक, राज्य में सांसदों और विधायकों के खिलाफ करीब 800-900 आपराधिक मामले लंबित हैं। उम्मीद है कि ये सभी मामले 15 दिन के भीतर विशेष अदालत को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
चीफ जस्टिस डी।बी। भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने जौनपुर के सूरज कुमार यादव द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। यादव ने गोसाईगंज सीट से बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खाबू के खिलाफ आपराधिक मामले का जल्द निपटान करने का अनुरोध करते हुए यह जनहित याचिका दायर की है।
अदालत ने कहा कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का त्वरित निपटान करने के हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अदालत का पहले ही गठन किया जा चुका है। जो इलाहाबाद में काम कर रही हैं और इस संबंध में प्रशासनिक पक्ष को लेकर विभिन्न निर्देश जारी किए गए हैं।
UP में विशेष अदालतें करेंगी सांसदों, विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई
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