नई दिल्ली, राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही लगातार हंगामें की भेंट चढ़ रही हैं, पिछले करीब 13 दिन से लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा जारी है,जिसकी वजह से बुधवार को फिर से सदन नहीं चल सका। तेलंगाना में आरक्षण की मांग और कावेरी मुद्दे पर लगातार संसद हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग पर भी खूब हंगामा हो रहा है। यही वजह है कि स्पीकर और सभापति को बार-बार सदन स्थगित करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और सदन की कार्यवाही न चलने के पीछे एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसद हरिवंश ने कहा कि संसद न चलने के लिए सब सांसद जिम्मेदार हैं।बुधवार को सदन में महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहते हैं, वेल में आ जाते हैं। हम भत्ते ले रहे हैं, हमारा आचरण ऐसा हो गया है,हम देश का काम नहीं कर रहे हैं। सवाल देश को उठाना चाहिए। भत्ते भी नहीं लेना चाहिए। वहीं कांग्रेस के लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इसके लिए सत्ता पक्ष जिम्मेदार है,क्योंकि बहुमत उनका हैं। ये तरीके निकल कर लोकतंत्र को चलने नहीं दे रहे हैं।
अगर सरकार ऐसा प्रस्ताव लेकर आती है कि सदन में काम नहीं तो भत्ता नहीं तो हम समर्थन करने वाले हैं,उधर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हम यहां जनता की आवाज नहीं उठाएंगे तो क्या करने के लिए आया आए हैं। सरकार जब निरंकुश हो जाये तो क्या कर सकते है। हम अपनी तो कहेंगे इसीलिए तो जनता ने भेजा है। उनका भत्ता काटे जो सवाल तक नहीं पूछते हैं। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का कहना है कि सदन नहीं चलने के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। बल्कि विपक्ष है, हम तो हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। स्पीकर ने भी बैठक बुलाया, पर विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहती। सरकार भत्ते को लेकर फैसला करेगी।
13 दिनों से हंगामे की भेढ़ चढ़ रही राज्यसभा और लोकसभा
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