इंदौर, छत्रपति नगर गृह निर्माण संस्था के 3 प्लाटों के नियम विरुद्ध आवंटन के मामले में लोकायुक्त ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और इंदौर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष मधु वर्मा पर एफआईआर दर्ज की है। मामला आईडीए की स्कीम नम्बर 114 पार्ट 2 के पास स्थित तीन प्लाटों के करीब 4280 वर्ग फ़ीट आवंटन का है। इस मामले में आईडीए के पूर्व अध्यक्ष मधु वर्मा व पूर्व सीईओ सीबी सिंह सहित 15 आरोपियों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
दरअसल साल 2005 में छत्रपति गृह निर्माण सहकारी संस्था के सदस्य फैजल इब्राहिम को गलत तरीके से 3 प्लाट आवंटित किए गए थे जो करीब 4000 स्क्वेयर फीट के थे। इन प्लॉट का कुछ हिस्सा आईडीए की स्कीम नम्बर 114 पार्ट 2 के तहत आने से इसका समन्वय आईडीए से कराया जाना था। फैजल इब्राहिम ने सीधे आईडीए को इस बारे में आवेदन दिया और आईडीए ने उन्हें 4 प्लॉट आवंटित कर दिए।
इन आवंटित आवासीय प्लाटों पर फैजल की पत्नी अमीरा ने नियम विरुद्ध तरीके से साल 2009 में आवासीय व कमर्शियल मिश्रित उपयोग के लिए नगर निगम के तत्कालीन बिल्डिंग अधिकारी से बिल्डिंग परमिशन ले ली गई।
इस तरह सुनियोजित तरीके से लोकसेवकों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपराध घटित किया गया। मामले की जांच में इन लोकसेवकों को पद के दुरुपयोग का दोषी पाया गया। जिस पर लोकायुक्त ने आईडीए के तत्कालीन अध्यक्ष मधु वर्मा, सीईओ सीबी सिंह, छत्रपति हाउसिंग सोसायटी के 8 सदस्यों, नगर निगम के इस झोन के तत्कालीन बिल्डिंग अधिकारी सहित 5 अधिकारी-कर्मचारी के अलावा भूखंडधारी फैजल इब्राहिम और उनकी पत्नी अमीरा के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 13 (1) डी और आईपीसी की धारा 120 (बी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
आईडीए के पूर्व अध्यक्ष मधु वर्मा सहित 15 पर लोकायुक्त की एफआईआर
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