भोपाल,मध्य प्रदेश सरकार की मुंबई स्थित बेशकीमती संपत्तियों को फर्जी दस्तावेज के जरिए बेचने का मामला सामने आया है। जिस कंपनी का जिम्मा संपत्तियों की देखरेख करने का था उसी के मैनेजर ने यह घोटाला कर सभी को चौंका दिया है। सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
जानकारी अनुसार प्रोंविडेंट फंड इन्वेस्टमेंट कंपनी आजादी से पूर्व से ही मुंबई स्थित संपत्तियों की देख-रेख कर रही है। कंपनी के वर्तमान मैनेजर अतुल बोरकर पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों की संपत्तियों को बेंच दिया। इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है। जमीन घोटाला सामने आने के बाद मैनेजर बोरकर को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। बताया जाता है कि जमीन घोटाला उजागर होने पर प्रदेश के उच्चाधिकारी जांच करने मुंबई स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद मैनेजर बोरकर ने उन्हें कार्यालय के अंदर तक घुसने नहीं दिया। इसके बाद मुंबई सीबीआई ने दो अलग-अलग मामले दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की मुंबई में तकरीबन एक लाख पचास हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति मौजूद है। इस संपत्ति में आलीशान गेस्ट हाउस, आवास समेत जमीनें एवं अन्य संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की देख-रेख का जिम्मा प्रोंविडेंट फंड इन्वेस्टमेंट कंपनी के पास है। बताया जाता है कि कंपनी आजादी के पहले से ही इन संपत्तियों की देखरेख कर रही है।
संपत्ति देखरेख का जिम्मा कंपनी को क्यों
जमीन घोटाले के उजागर होने के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मध्य प्रदेश सरकार की संपत्ति की देखरेख कंपनी को क्यों दी गई है। यहां कंपनी भी सरकार की ही है और इसके पदेन अध्यक्ष प्रदेश के वित्तमंत्री और प्रबंध संचालक (एमडी) प्रमुख सचिव या अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी होते हैं। ऐसे में संपत्तियों की देखरेख समेत संपत्ति के दस्तावेज भी कंपनी के पास ही होते हैं। इसी बात का फायदा कंपनी के मैनेजर बोरकर ने उठाया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्तियां बेंच दीं। इसके अतिरिक्त अनेक संपत्तियों पर प्रभावी व्यक्तियों के कब्जे कराने का मामला भी सामने आया है। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अरोपियों को सामने लाने की बात भी कही जा रही है। इस बीच मैनेजर बोरकर को बर्खास्त कर दिया गया है।