अहमदाबाद,उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को वित्त विभाग सौंपे जाने के बावजूद उनकी नाराजगी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई लग रही है. कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया था कि राज्य सरकार की एजेंसियों के पास उपलब्ध मूंगफली का अतिरिक्त स्टॉक उपयोग कर किसानों का असंतोष खत्म किया जा सकता है. रूपाणी का सुझाव था कि मूंगफली का तेल निकाल कर उसका सार्वजनिक वितरण और मध्याह्न भोजन योजना में उपयोग किया जा सकता है. जिससे सरकार का पुराना स्टॉक का उपयोग हो जाएगा और नए स्टॉक की जगह हो जाएगी.
मुख्यमंत्री के इस सुझाव का उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने विरोध किया और कहा कि सरकार मूंगफली की पेराई और वितरण का अतिरिक्त खर्च नहीं उठा सकती. ऐसा करने पर मूंगफली तेल कपासिया तेल से भी ज्यादा महंगा पड़ेगा. सूत्रों के मुताबिक विजय रूपाणी अपने सुझाव पर अड़े रहे, जिसका नितिन पटेल लगातार विरोध करते रहे. यह पूरी घटना कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ सचिवों की उपस्थिति में हुई. इस बीच मुख्यमंत्री ने बेवजह बहस से बचने के लिए अधिकारियों को संभावनाएं खंगालने का आदेश दे दिया. बैठक में मौजूद एक मंत्री के मुताबिक सीएम और डिप्टी सीएम के बीच हुई नोंकझोंक सरकार और पार्टी के लिए अच्छी नहीं है. अन्य कई मंत्रियों और अधिकारियों ने इस को बात को स्वीकार किया है कि बैठक में सीएम और डिप्टी सीएम के बीच विवाद हुआ था. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार में जब दो पावर सेंटर होंगे तो उसका असर कामकाज पर होगा. गुजरात की ब्यूरोक्रेसी एक ही व्यक्ति से आदेश लेने की आदी है और कल की घटना को देखते हुए भविष्य में स्थिति बिगड़ सकती है.
गुजरात कैबिनेट की बैठक में सीएम रूपाणी और डिप्टी सीएम पटेल के बीच मूंगफली पर तकरार
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