भोपाल,प्रदेश सरकार को घाटा पहुंचाने वाले सबसे ज्यादा ठेकेदार लोक निर्माण विभाग में हैं। पिछले तीन साल में विभाग ने तीन सौ से अधिक ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया है। साथ ही संबंधित अफसरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद जल संसाधन विभाग में काम कर रही कंपनियां निशाने पर आई हैं। पन्ना जिले में बांध बनाने वाली और रीवा, सतना सहित अन्य जिलों में नहरों के निर्माण व अन्य परियोजनाओं को हाथ में लेने वाली कंपनियों ने सरकार को करोडों का चूना लगा दिया है। लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय और नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत करोड़ों रुपए लागत की योजनाओं को हाथ में लेने वाली करीब चार सौ कंपनियां फेल हो गई हैं। विभागों ने कार्रवाई के तौर पर ठेकेदारों और कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड किया है। सिवनी विधायक दिनेश राय ने मेंटाना कंपनी पर आरोप लगाया है कि जल संसाधन विभाग के अंतर्गत माचागौरा बांध से निकलने वाली नहरों से लालमाटी क्षेत्र के करीब 36 गांवों में पानी पहुंचाने के लिए काम लिया। कंपनी ने सरकार से 86 करोड़ एडवांस ले लिए और बाद में गायब हो गई। इसी कंपनी के पास रीवा जिले में बड़ी परियोजनाओं का काम है। कंपनी के गायब होने में विभागीय अधिकारियों एवं कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे है। लोगों का कहना है कि इतना बडा फर्जीवाडा करने वाली कंपनी इतनी आसानी से कैसे भाग गई।
MP में लोनिवि के 300 ठेकेदार काली सूची में
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