सेंट्रल जेल की सुरक्षा के लिए नहीं मिली CISF की कंपनी,जेल में ही बीतेगी प्रहरियों की रात

भोपाल, प्रदेश भर में दिवाली का त्यौहार उत्साह के साथ मनाया जाएगा,लेकिन जेलों की सुरक्षा कर रहे प्रहरियों के लिए इस बार दिवाली जेल में ही मनेगी। प्रदेश भर की जेलों की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की छुटिटयां 31 अक्टूबर तक के लिए रदद कर दी है। साल भर पहले ही मध्यप्रदेश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली भोपाल सेंट्रल जेल से आठ आतंकियों के फरार हो जाने की घटना ने जेल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किये थे जिसको लेकर अब प्रशासन सुरक्षा में कोई कमी नहीं रखना चाहता है। इस साल जेल विभाग खास सर्तकता बरत रहा है। खासतौर पर भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सिमी कार्यकर्ताओं को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है,जिससे सुरक्षा में कोई चूक न हो।
गौरतलब है कि साल 2016 में दीपावली की रात सिमी आंतकियों ने जेल प्रहरी रमाशंकर यादव की हत्या कर जेल से भाग गए थे। इस घटना के बाद प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार को चिंता में डाल दिया था। हालांकि पुलिस ने जेल से भागने के 12 घंटे के अंतराल में आतंकियों को मार गिराया था। इस घटना से सबक लेते हुए जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को ओर चुस्त दुरूस्त करने की योजना तैयार की थी। इसके अलावा विशेष ट्रेनिंग प्राप्त जेलकर्मियों को जेलों की सुरक्षा में लगाए जाने के निर्देश दिए गए।
जानकारी के अनुसार जेल ब्रेक की घटना से सबक लेते हुए जेल विभाग ने जेलों की सुरक्षा में लगे सभी कर्मचारियों की 31 अक्टूबर तक के लिए छुटटी कैसिंल कर दी है। इसके अलावा सेंट्रल जेल में बंद 27 सिमी कार्यकर्ताओं को देखते हुए एक एसएएफ की कंपनी के अलावा विशेष ट्रेनिंग प्राप्त 80 जेलकर्मियों को सुरक्षा इंतजाम में लगाया गया है। जेल ब्रेक की घटना के बाद से जेल मुख्यालय ने सभी जेलों में नाइट ड्यूटी में पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं।
भो​पाल सेंट्रल जेल में अभी 27 सिमी कार्यकर्ता बंद हैं, जिनमें सफदर नागौरी और अबू फैजल भी शामिल हैं। जेल में इनकी मौजूदगी के कारण यहां एक विशेष अधिकारी सहित दो जेल अधिकारी नाइट ड्यूटी कर रहे हैं। उप जेल अधीक्षक व जेल अधीक्षक सप्ताह में कभी भी अकस्मात निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं यहां लगे करीब 85 सीसीटीवी कैमरों से कैदियों पर निगरानी रखी जा रही है। उन्हें चार ड्रेस ही रखने की अनुमति दी गई है। वहीं सेंटल जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार से सीआईएसएफ की कंपनी मांगी गई थी। इसे लेकर सीआईएसएफ के अफसर कंपनी के ठहरने और जेल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करके भी जा चुके हैं। सीआईएसएफ की इस कंपनी का खर्चा राज्य सरकार उठायेगी। लेकिन अभी तक कंपनी को तैनात नहीं किया गया है।

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