जबलपुर,आरक्षक बेटे की मौत के बाद छिंदवाड़ा से जबलपुर पहुंचे उसके पिता सहित परिवार का गुस्सा चौथे आसमान पर था पिता का कहना था कि उसका बेटा सिविल लाईन थाना प्रभारी अरविंद जैन से प्रताड़ित था उसे छुट्टी नहीं दी जा रही थी बल्कि उससे १५-१५ घंटे ड्यूटी ली जा रही थी और उसका वेतन भी रोका गया था अभद्रता पूर्ण व्यवहार से भी वह क्षुब्ध था। टीआई पर एफआरआई की मांग को लेकर परिवार ने रात दो बजे तक हंगामा मचाया और सुबह ६ बजे को वीआईपी रोड पर चक्का जाम कर दिया। मौके की नजाकत को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आरक्षक गुरु प्रसाद परासर मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों से बात करके उन्हें जांच करने का आश्वासन दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद मृत सिपाही का शव अंतिम संस्कार के लिए उसके गृह ग्राम छिंदवाड़ा के भमौड़ी के लिए भेजा गया। यहां उल्लेखनीय है कि सिविल लाईन थाने में पदस्थ आरक्षक बेच नबंर २११० विक्रम जांगले ने मंगलवार की शाम पुलिस क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली मौके पर पहुंंचे पुलिस अधिकारियों ने पंचनामा कार्यवाही के दौरान उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था जिसमें लिखा गया था मैं अपनी जिंदगी की परेशानियों से हारकर अपनी जान दे रहा हूं कोई भी व्यक्ति मेरी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। पिताजी सबको संभालना हो सके तो माँ को थोड़ा रुककर खबर देना।
परिजन बिफरे सीबीआई जांच की मांग……
आरक्षित बेटे की मौत की खबर पाकर स्तब्ध पिता रवि जांगले सहित परिवार के सदस्य और रिश्तेदार देर रात जबलपुर पहुंच गये। छिंदवाड़ा से सीधे सिविल लाइन थाने पहुंचे मृतक के पिता रवि जांगले ने थाना प्रभारी अरविंद जैन पर सीधे आरोप लगाया कि उनकी प्रताड़ना से आरक्षक बेटे की मौत हुई हैं। टीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए थाने में सुनवाई न होने पर रात दो बजे तक थाने में हंगामा होता रहा। उसके बाद सुबह ६ बजे वीआईपी रोड पर थाने के सामने चक्का जाम कर दिया। परिजनों की मांग थी की सीबीआई से इसकी जांच करवाई जाए। चक्का जाम समाप्त करने के बाद परिजन पुलिस लाइन पहुंचे जहां केन्ट सीएसपी परिजनों के बयान लिये।
सुसाइड नोट क्यों किया वायरल…..
मृतक के पिता रवि जांगले ने कहा कि उनका बेटा विक्रम जांगले टीआई से प्रताड़ित था स्टाफ कम होने का हवाला देकर उससे १४ से १५ घंटे नौकरी कराई जाती थी और अक्सर उसके साथ टीआई अभ्रद व्यवहार करता था यह बात उसने फोन पर बताई थी और उसके दोस्तों को भी मालूम थी। छुट्टी से आने के बाद उसे आमद नहीं दी जा रही थी। टीआई ने उसका वेतन रुकवा दिया था और वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था हाल ही में वह अपने दोस्त से २००० रुपये उधार लिये थे। उसके बावजूद पुलिस ने सुसाइड नोट को सार्वजनिक किया और सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट को वायरल किया गया जबकि पुलिस की उसकी जांच करानी थी और जांच तक सुसाइड नोट को गोपनीय रखा जाना था। बाकी केस पर पुलिस सुसाइड नोट को दबा लेती हैं। आखिर ऐसी क्या जल्दी थी स्वयं थाना प्रभारी को अपनी सफाई देनी पड़ी
गुलाबी गैंग प्रदेश कमांडर भी पहुंंची….
आरक्षक विक्रम जांगले की रिश्ते दार मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ गुलाबी गैंग की प्रदेश कमांडर पूर्णिमा वर्मा भी छिंदवाड़ा से जबलपुर पहुंंची और उन्होंने यहा पर धरना दिया। पूर्णिमा का कहना हैं कि वर्दी पर विश्वास करके जवान पुलिस आ रहे हैं वे सबकी जन सेवा कर रहे हैं लेकिन सेवा के नाम पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा हैं अफसरों को इस मसले पर गंभीर मंथन करना होगा। पुलिस के जवान अपने अधिकारी से प्रताड़ित क्यों हैं?
विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं…..
आरक्षक विक्रम जांगले अनुशासित सिपाही था सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रहा था। २५ वर्षीय जवान को अपमानित करने की बार-बार कोशिश की गई। जिससे वह आत्मग्लानि से भर गया था। सिविल लाईन थाने में कई जवान प्रताड़ित होकर शिकायत कर चुके हैं। कई ऐसे हैं अभी भी प्रताड़ना झेल रहें हैं।
आरक्षक बेटे की मौत पर परिजनों का बवाल,वीआईपी रोड पर धरना ,टीआई पर लगाये प्रताड़ना के आरोप
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