मुंबई, भारी बारिश के चलते मुंबई पर खतरा मंडरा गया है। सोमवार रात से ही मुंबई के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। शनिवार से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र कोलाबा ने अगले 24 घंटों तक लगातार बारिश होने का अनुमान जताया है। बारिश से अंधरी सब-वे, मालाड सब-वे, कुर्ला, एलिफि़स्टन स्टेशन पश्चिम, दादर में हिंदमाता के पास और लोअर परेल जैसे निचले इलाक़ों में जगह-जगह जलजमाव हो गया है। लोगों से घरों में रहने को कहा गया है। भारी बारिश के चलते पानी रेल पटरियों पर भर गया है। मुंबई लोकल 10-15 मिनट की देरी से चल रही हैं। इसके अलावा हवाई सेवा भी बाधित हुई हैं। बारिश से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी के लिए 1916 पर कॉल जारी किया गया है। चलते रेड अलर्ट के बाद वर्ली-बांद्रा सी लिंक पर ट्रैफिक रोका गया। एयरपोर्ट पर भी उड़ाने रोकी गई हैं। इस बीच एनडीआरएफ की दो टुकडिय़ों को मुंबई रवाना कर दिया गया है। दो उड़ाने रद्द कर दी गई हैं और तीन को अहमदाबाद डाइवर्ट कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन द$फतर पहुंचे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस ने कहा, सभी सरकारी दफ्तरों को आदेश दिया गया है कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी दे दी जाए। साथ ही निजी ऑफिस में काम करने वाले लोग भी जल्दी घर लौट जाएं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूर काम न हो तो लोग अपने घरों में रहें। हाईटाइड को देखते हुए लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है।
शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। शहर में जगह-जगह ट्रैफिक जाम लगा रहा। मुंबई पुलिस ने सड़क पर फंसे हुए लोगों को 100 नंबर डायल करने के लिए कहा है। इसके अलावा ट्विटर पर संपर्क करने के लिए कहा है।
अस्पताल में पानी, दूसरी मंजिल पर शिफ्ट किए गए रोगी
परेल स्थित केईएम अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में पानी भरने के बाद करीब 30 मरीजों को अस्पताल की दूसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया है।
महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में बारिश की आशंका
मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के कई और इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है. कोंकण, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में भी अगले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है।
12 साल पुराना रिकॉर्ड ट्टा, 2005 जैसी बारिश
26 जुलाई, 2005 के बाद से ये भारी बारिश है। उस समय शहर बाढ़ से तबाह हो गया था। अब भी मुंबई पानी में डूब गई है। 12 साल बाद मुंबई महानगरपालिका ने आपात अलर्ट जारी किया है। इससे पहले 26 जुलाई, 2005 को ऐसा किया गया था।
एक साल में 70 मिमी, एक दिन में 10 मिमी
बीएमसी ने बताया कि मुंबई में पिछले एक साल में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि मंगलवार सुबह 8.30 बजे 100 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
डब्बावालों के पैर भी थमे
टाइम पर अपनी सेवा देने के लिए फेमस मुंबई के डब्बावालों के पैर भी भारी बारिश की वजह से रुक गए हैं. मुंबई डब्बावालों की सर्विस भी इस बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित हो गई है। कई इलाकों में घुटने तक पानी सड़कों पर जमा हो गया है. हिंदमाता, लोअर, परेल, कुर्ला जैसे निचले इलाकों में जगह-जगह जलजमाव हो गया है. बीएमसी पंपों के जरिए पानी निकालने में जुटी है. हालांकि तेज़ बारिश की वजह से पानी निकालने में दिक्क़त आ रही है. उधर रेल पटरियों पर पानी जमा होने से उपनगरीय गाड़ियों पर इसका व्यापक असर पड़ा है. उपनगरीय ट्रेन सुबह २० मिनट की देरी से चल रही थी. दोपहर होते-होते रेल सेवा पूरी तरह से ठप पड़ गई. विभिन्न उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर हजारों मुसाफिर फंस गए. सबसे बुरा हाल उनका था जिन्हें लंबी दूरी की गाड़ी पकड़नी थी लेकिन वह ट्रेनों के इंतजार में अपने परिवार जनों के साथ स्टेशन पर बैठे थे. चारों ओर पानी जमा होने से ट्रैफिक जाम हो गई है. इसके अलावा अंधेरी, विले पार्ले, जोगेश्वरी, मालवाणी, बोरीवली, वसई, विरार, नवी मुंबई, ठाणे, डोंबिवली, कल्याण, भिवंडी, उल्हासनगर, अंबरनाथ और बदलापुर शहर में भी मूसलाधार बारिश के चलते बुरा हाल है. इस बीच मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में भारी बारिश होने की संभावना है. राज्य की आपदा प्रबंधन टीम और मुंबई महानगरपालिका अलर्ट पर हैं. जलजमाव के चलते सड़कों पर लंबे जाम लग गए है. ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी है. मुंबई यातायात पुलिस ने बारिश के कारण आ रहे व्यवधान को देखते हुए आम लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की दो टुकड़ियां तैनात कर दी गई है. समंदर में ज्वार को देखते हुए मरीन ड्राइव समेत सभी समुद्री इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है. लोगों को यहां जाने से रोका जा रहा है. बहरहाल भारी बारिश के चलते मुंबई का हाल बुरा हो चला है, लोग परेशान हैं. चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. सड़कों पर इस कदर पानी भर गया है कि नाव चलाने की नौबत आ गई है.
अब तक एक नजर में – 29 अगस्त 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक 105 मिमी बारिश दर्ज
-27 अगस्त सुबह 8 बजे से 28 अगस्त सुबह 8 तक 102 मिलीमीटर
– 26 जुलाई 2005 को एक ही दिन 94.5 मिमी बारिश हुई थी
-सांताक्रूज इलाके में सबसे ज्यादा 126 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई
-अत्याधिक बारिश थामी रफ्तार, हाई-टाइड की चेतावनी
-वर्ली-बांद्रा सी लिंक पर ट्रैफिक बंद
– एयरपोर्ट में पानी घुसा, कुछ उड़ाने रद्द, कुछ का मार्ग बदला
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अपील- लोग जल्दी घर लौट जाएं
-अमिताभ का घर जलसा और शाहरुख का दफ्तर में भी पानी घुसा
– इमरजेंसी के लिए 1916 पर कॉल करें