नई दिल्ली, आम बजट से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में जो आर्थिक समीक्षा पेश किया है उसमें अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने वाले तीन प्रमुख कारण बताऐ गए हैं.पहला नोटबंदी दूसरा दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्वि जिससे बैंक ब्याज दरों में कमी करने के मामले को टाल सकते हैं. जबकि तीसरा सबसे बड़ा नुकसान नोटबंदी के बाद देश में नकदी संकट है जिसका असर कृषि क्षेत्र पर बड़ा व्यापक पड़ सकता है. इससे उसके उत्पादन और विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. क्योंकि चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 4.1 फीसदी रहेगी. जबकि 2015-16 में यह 1.2 फीसदी रही थी.